➤ सितंबर में 170 स्थानों पर कांग्रेस सरकार के खिलाफ जन आंदोलन करेगी भाजपा
➤ 17 संगठनात्मक जिलों में महिलाओं की गारंटियों और खाली पदों को लेकर प्रदर्शन
➤ पंचायतों की राशि और प्रस्तावित लॉटरी को लेकर भी सुक्खू सरकार पर निशाना
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के बीच भाजपा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपने जन आंदोलनों का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने सोमवार को शिमला स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय दीपकमल, चक्कर में हुई बैठकों के बाद सितंबर महीने के कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी सितंबर में 170 स्थानों पर स्थानीय मुद्दों को लेकर जन आंदोलन करेगी। इसके साथ ही प्रदेश के 17 संगठनात्मक जिलों में अलग-अलग प्रदर्शन किए जाएंगे।
राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा ने अगस्त में प्रदेश के 121 स्थानों पर जन आंदोलन किए थे। इन प्रदर्शनों में खराब सड़कों, रुके हुए विकास कार्यों, अधूरी चुनावी गारंटियों और स्थानीय समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाया गया था। अब सितंबर में इन आंदोलनों का विस्तार करते हुए अधिक स्थानों पर सरकार के खिलाफ लोगों की समस्याओं को उठाया जाएगा।
महिलाओं से किए वादों का हिसाब मांगेगी भाजपा.
भाजपा के 17 जिला स्तरीय प्रदर्शनों में महिलाओं से जुड़े चुनावी वादे और गारंटियां प्रमुख मुद्दा रहेंगी। बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं, युवाओं और बेरोजगारों से कई वादे किए थे, लेकिन सरकार का कार्यकाल करीब चार साल पूरा होने के बावजूद कई वादे पूरे नहीं हुए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा गांव, पंचायत, मंडल और जिला स्तर तक जाकर कांग्रेस सरकार से उसकी चुनावी गारंटियों का हिसाब मांगेगी। पार्टी का कहना है कि महिलाओं से किए गए वादों के साथ-साथ सरकारी नौकरी और पेंशन से संबंधित घोषणाओं को भी आंदोलनों में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
1.07 लाख खाली पदों का मुद्दा उठाएगी पार्टी.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में करीब 1.07 लाख सरकारी पद खाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले रोजगार और सरकारी नौकरियों को लेकर जनता से वादे किए थे, लेकिन बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिल रहा है।
भाजपा इन मुद्दों को सितंबर में होने वाले जिला स्तरीय प्रदर्शनों के जरिए जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।
पंचायतों की राशि को लेकर सरकार पर हमला.
राजीव बिंदल ने 16वें वित्त आयोग से पंचायतों को मिलने वाली राशि के इस्तेमाल को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वित्त विभाग के निर्देशों के आधार पर बीडीओ की ओर से पंचायत प्रधानों की बैठकें बुलाई जा रही हैं और पंचायतों को मिलने वाली राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा आईपीएच और पीडब्ल्यूडी विभागों को देने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
बिंदल ने इसे पंचायतों के वित्तीय अधिकारों में हस्तक्षेप बताया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को मिलने वाली विकास राशि का इस्तेमाल स्थानीय जरूरतों और जनहित से जुड़े कार्यों पर निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से होना चाहिए।
भाजपा ने कहा कि वह पंचायतों के कथित वित्तीय अधिकारों के हनन के खिलाफ भी आवाज उठाएगी।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान.
भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हिमाचल में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाने की घोषणा भी की है।
बिंदल के अनुसार अभियान के दौरान सेवा, सामाजिक सरोकार और विकसित भारत-2047 से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 17 सितंबर को प्रदेशभर में सेवा और विकसित भारत-2047 के संकल्प से जुड़े कार्यक्रम होंगे।
भाजपा युवा मोर्चा की ओर से रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा स्वच्छता अभियान, चिकित्सा सेवा, पौधारोपण, जल संरक्षण तथा अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में सेवा जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
बच्चों के लिए ‘मेरा भारत- कैसा था, कैसा है और 2047 में कैसा होगा’ विषय पर पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। महिला कार्यकर्ताओं की ओर से रंगोली सहित अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
लॉटरी के प्रस्ताव पर भी भाजपा का विरोध.
हिमाचल प्रदेश में लॉटरी शुरू करने के प्रस्ताव को लेकर भाजपा ने सरकार पर हमला बोला है। राजीव बिंदल ने कहा कि राजस्व बढ़ाने के नाम पर सरकार लोगों के सामाजिक और आर्थिक भविष्य को दांव पर नहीं लगा सकती।
उन्होंने कहा कि लॉटरी के सामाजिक दुष्परिणामों को देखते हुए इसे पहले बंद किया गया था। भाजपा ने स्पष्ट किया कि वह हिमाचल में लॉटरी व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगी।
बिंदल ने सरकार से राजस्व बढ़ाने के लिए लॉटरी के बजाय पर्यटन, उद्योग, निवेश और रोजगार जैसे स्थायी साधनों पर ध्यान देने की मांग की।
बैठक में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद.
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठकों में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, सह प्रभारी संजय टंडन और संगठन महामंत्री सिद्धार्थन सहित अन्य नेता शामिल रहे।
सितंबर में प्रस्तावित आंदोलनों के जरिए भाजपा अब स्थानीय समस्याओं, चुनावी गारंटियों, रोजगार, पंचायतों के अधिकार और लॉटरी के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।



